अमृत गंगा 5

अमृत गंगा की पाँचवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं कि अपने लक्ष्य पर एकाग्रता, हमें आत्मबल और वैराग्य प्रदान करती है। हम विफल हो जाएँ तब भी हमें निरुत्साहित नहीं होना चाहिए। कितने ही लोग विफ़लता के बाद महान व्यक्ति बने। हमें आत्मविश्वास के साथ प्रयत्न करते रहना होगा और असफ़लताओं को सफ़लता की सीढ़ी मान कर आगे बढ़ना होगा।

इस कड़ी में प्रस्तुत है, अम्मा की हॉफ़ हेरेनबर्ग, जर्मनी और सुनिए अम्मा का काली भजन.. काली महेश्वरी पार्वती शंकरी..