अमृत गंगा S4-68
सीज़न 4, अमृत गंगा की अड़सठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अशांत मन समस्याएँ बढ़ाता है, जबकि शांत मन विवेक से समाधान खोजने में मदद करता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘समस्त पाप नाशनं।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।
अमृत गंगा S4-68
सीज़न 4, अमृत गंगा की अड़सठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अशांत मन समस्याएँ बढ़ाता है, जबकि शांत मन विवेक से समाधान खोजने में मदद करता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘समस्त पाप नाशनं।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।
अमृत गंगा S4-67
सीज़न 4, अमृत गंगा की सड़सठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अज्ञान से अंधे लोग स्वार्थपूर्ण कर्म करते रहते हैं—महाभारत भी यही दर्शाती है। धृतराष्ट्र का अंधापन ही उस महायुद्ध का कारण बना।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘हे कृपामयी अंबे ।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।
अमृत गंगा S4-66
सीज़न 4, अमृत गंगा की छियासठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “प्रेम के अनंत सौंदर्य की झलक मिलते ही हम चुनौतियों के आगे नहीं झुकेंगे; दुःख और बोरियत हमें छू नहीं पाएँगे, और जीवन सदा तरोताज़ा रहेगा।।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘राधे श्याम कृष्ण नाम।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।
अमृत गंगा S4-65
सीज़न 4, अमृत गंगा की पैंसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “धीर व्यक्ति अहंकारी नहीं होता। प्रेम, विनय, करुणा और निस्वार्थ भाव उसके लक्षण हैं—और यही गुण एक सच्चे भक्त में होते हैं।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘कर लो नैया पार। ’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – यात्रा लॉस एंजेलेस की ओर।
अमृत गंगा S4-64
सीज़न 4, अमृत गंगा की चौसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “आध्यात्मिक तत्वों को आत्मसात करने से हममें विनय आती है और अनजाने ही दूसरों के हृदय हमारे लिए पिघल जाते हैं।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘गोपाल कृष्णा गिरिधारी कृष्णा।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम