Category / अमृतगंगा

अमृत गंगा S2-09 अमृत गँगा सीज़न २ की नवीं कड़ी में, अम्मा बता रही हैं कि कर्म का क्षेत्र बड़ा निगूढ़ है। हमारा जन्म पूर्वजन्मों के कर्मानुसार होता है। कभी-कभी, ग्रहों की प्रतिकूल गति के चलते, हम बेबस हो जाते हैं। अगली साँस तक हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन डरने की कोई बात नहीं। […]

अमृत गंगा S2-08 अमृत गँगा के सीज़न २ की आठवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं..हालाँकि हमें ऐसा मालूम होता है कि हमारा समय ख़राब चल रहा है..लेकिन असल में समय अच्छा या बुरा नहीं होता। ईश्वर ने अच्छाई या बुराई की छूट हमें दे दी है। जो हमारे अनुभव में आता है, वो इसी […]

अमृत गंगा Specials 5 अमृत गंगा की इस कड़ी में, अम्मा हमें बता रही हैं कि सब प्रकार के अनुभवों का कारण मन है। हमें अपने मन को जानना होगा। लोग हमें सराहें तो हम हर्षोल्लास से भर जाते हैं और आलोचना कर दें तो क्रोध और निराशा हमें घेर लेते हैं। जैसे संकट का […]

अमृत गंगा Specials 4 अमृत गंगा की इस कड़ी में, अम्मा हमें बता रही हैं कि प्रेम प्रत्येक वस्तु को नया, तरोताज़ा और अनोखा बना देता है। अम्मा प्रेम की वैश्विक भाषा बोलती हैं। वो कहती हैं कि दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा का प्रकाश हमारे जीवन को ताज़गी, शक्ति और उत्साह से भर […]

अमृत गंगा Specials 3 अमृत गंगा की इस कड़ी.. अम्मा हमें शास्त्रों और आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने को प्रोत्साहित करती हैं; क्योंकि उनसे हमें शिक्षा मिलती है कि महात्माओं ने जीवन में आने वाली परिस्थितियों का कैसे सामना किया। युग कोई भी हो, हमें महाभारत और रामायण से मिलती-जुलती घटनाएं देखने को मिलती रहेंगी। […]