Category / अमृतगंगा

अमृत गंगा S4-73 सीज़न 4, अमृत गंगा की तिहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “कर्म करके उसके फल को ईश्वर को समर्पित कर दें, यह विश्वास रखते हुए कि जो होगा वह हमारे हित में होगा।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘मुरलीधर गोपाल मुकुंदा।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-72 सीज़न 4, अमृत गंगा की बहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “परिस्थितियाँ आती-जाती रहती हैं। उन्हें उत्सव-भाव से स्वीकार करें। मुस्कान से जीवन भरें।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय जय माता जय जगजननी।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-71 सीज़न 4, अमृत गंगा की इकहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “केवल मंदिर जाने से विशेष लाभ नहीं होता। अर्चना-जप और कीर्तन करें, कुछ समय हृदय से ईश्वर का स्मरण करें। २४ घंटों में से थोड़ा समय भगवान को दें।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘बालकृष्णं कलय सखि सुन्दरम्।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा […]

अमृत गंगा S4-70 सीज़न 4, अमृत गंगा की सत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “मन को साधने और शक्ति बढ़ाने का सशक्त साधन है व्रत। कठिन अवश्य है, पर लाभ अनुभव करने वाले इसे पुनः रखते हैं।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय जय दुर्गे मात भवानी।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-69 सीज़न 4, अमृत गंगा की उनहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “ज्ञान–अज्ञान और धर्म–अधर्म के बीच विवेक जागृत कर अंतर्मन के शिव को प्रकट करने तथा शाश्वत चेतना को अंगीकार करने का आह्वान ही शिवरात्रि है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘व्रजवन कुंजविहारी।’