अमृत गंगा S4-64 सीज़न 4, अमृत गंगा की चौसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “आध्यात्मिक तत्वों को आत्मसात करने से हममें विनय आती है और अनजाने ही दूसरों के हृदय हमारे लिए पिघल जाते हैं।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘गोपाल कृष्णा गिरिधारी कृष्णा।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम
Category / अमृतगंगा
अमृत गंगा S4-63 सीज़न 4, अमृत गंगा की त्रेसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “भाषा अभिव्यक्ति का माध्यम है, पर सबसे आवश्यक है हृदय की भाषा—प्रेम और करुणा।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय माँ अंबे।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम
अमृत गंगा S4-62 सीज़न 4, अमृत गंगा की बासठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “ईश्वर की कृपा सदा उपलब्ध है, जैसे सूर्य निरंतर प्रकाश देता रहता है। उसे पाने के लिए हमें आत्मकृपा के रूप में अपनी खिड़कियाँ खोलनी होंगी।” अम्मा कृष्ण भजन गाती हैं, ‘आओ मेरे नन्दलाल।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान […]
अमृत गंगा S4-61 सीज़न 4, अमृत गंगा की इकसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “जो विद्या व्यक्तित्व को निखारे, सोई प्रतिभाओं को जगाए और हमें स्वतंत्रता व परमात्मा की ओर ले जाए, वही सच्ची विद्या है।” अम्मा गुजराती भजन गाती हैं, ‘अमे माँ मैया।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम
अमृत गंगा S4-60 सीज़न 4, अमृत गंगा की साठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “मन स्वार्थी और करुणा-रहित है; उसे वश न किया तो जीवन सिर्फ जीभ और पेट तक सिमट जाएगा। मन की शुद्धि और वासनाओं से मुक्ति के लिए पहले महाकाली की कृपा आवश्यक है।” अम्मा श्री देवी भजन गाती हैं, ‘जय माँ […]

Download Amma App and stay connected to Amma