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अमृत गंगा S4-72 सीज़न 4, अमृत गंगा की बहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “परिस्थितियाँ आती-जाती रहती हैं। उन्हें उत्सव-भाव से स्वीकार करें। मुस्कान से जीवन भरें।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय जय माता जय जगजननी।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।

अमृत गंगा 12 अमृत गंगा की बारहवीं कड़ी में, अम्मा हमें बता रही हैं कि प्रेम प्रत्येक वस्तु को नया, तरोताज़ा और अनोखा बना देता है। अम्मा प्रेम की वैश्विक भाषा बोलती हैं। वो कहती हैं कि दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा का प्रकाश हमारे जीवन को ताज़गी, शक्ति और उत्साह से भर देता […]