अमृत गंगा 7

अमृत गंगा की सातवीं कड़ी में अम्मा हमें याद दिला रही हैं कई हमारे हाथ में कुछ है तो केवल वर्तमान क्षण। बीता हुआ कल ‘आज’ नहीं बन सकता और आने वाला कल भी आज नहीं हो सकता। अगली सांस तक हमारे हाथ में नहीं है। फल देने की शक्ति केवल ईश्वर के पास है, अतः हमें समर्पण भाव के साथ कर्म करना चाहिए।

इस कड़ी में प्रस्तुत है – अम्मा की फ़िनलैंड के हेल्सिंकी की यात्रा और उनका गाया भावपूर्ण भजन, ‘तुम हो माते…’।

अमृत गंगा 6

अमृत गंगा की छठी कड़ी में, अम्मा हमें हमारे भीतर छुपी अच्छाई को कर्म में ढालने को कह रही हैं। अम्मा कहती हैं कि अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करने से हमें आन्तरिक शक्ति, वैराग्य और आगे बढ़ने हेतु आवश्यक प्रयास करने की प्रेरणा मिलती है। इस प्रकार, हम दूसरों के लिए आदर्श बन जाते हैं।

इस कड़ी में अम्मा की हॉलैंड, नेदरलैंड की यात्रा दिखाई जा रही है और साथ ही उनका भावपूर्ण भजन.. वृन्दावन कुंजविहारी! 

अमृत गंगा 5

अमृत गंगा की पाँचवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं कि अपने लक्ष्य पर एकाग्रता, हमें आत्मबल और वैराग्य प्रदान करती है। हम विफल हो जाएँ तब भी हमें निरुत्साहित नहीं होना चाहिए। कितने ही लोग विफ़लता के बाद महान व्यक्ति बने। हमें आत्मविश्वास के साथ प्रयत्न करते रहना होगा और असफ़लताओं को सफ़लता की सीढ़ी मान कर आगे बढ़ना होगा।

इस कड़ी में प्रस्तुत है, अम्मा की हॉफ़ हेरेनबर्ग, जर्मनी और सुनिए अम्मा का काली भजन.. काली महेश्वरी पार्वती शंकरी..

अमृत गंगा 4

अमृत गंगा की चौथी कड़ी में, अम्मा ने कहा है कि दुनियाँ की लगभग हर समस्या का एक-शब्द में समाधान कहना हो तो वो है ‘करुणा’। माँ बच्चे के स्तर पर उतर कर, उसे ऊपर उठाती है। उसी प्रकार, हमें यह जानना होगा कि हम दूसरों से भिन्न नहीं हैं और उनके सुख-दुःख को अपने सुख-दुःख सा महसूस करना होगा।

इस कड़ी में, आप देखेंगे अम्मा की पैरिस-यात्रा और सुनेंगे, मराठी में अम्मा का गाया हुआ देवी भजन भी.. “आई उदे-उदे ग अम्बा बाई…”

अमृत गंगा 3

अमृत गंगा की तीसरी कड़ी में, जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु आवश्यक अम्मा पुरुषार्थ, समर्पण-भाव और कृपा पर सत्संग दे रही हैं। अम्मा कहती हैं कि खुश रहना एक निर्णय है और हमें ईश्वर की इच्छा के सामने समर्पण-भाव सहित और आत्मविश्वासपूर्वक आगे बढ़ना चाहिए। प्रेम उनका धर्म है और उस प्रेम-सहित सबको गले लगाती हुईं, अम्मा विश्व भर के जनमानस को प्रेरित करती आ रही हैं।

इस कड़ी में प्रस्तुत है अम्मा की स्विट्ज़रलैंड की यात्रा और उनका भावपूर्ण गाया हुआ देवी-भजन…अखिल लोक नायकी..