Tag / सीख

अमृत गंगा S4-90 सीज़न 4, अमृत गंगा की नब्बेवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “गुरु-पूर्णिमा की सच्ची अनुभूति अनुष्ठानों में नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा, और समर्पण भाव में है।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘मन रे..सीख प्रभु का होना।’अम्मा की अमेरिका यात्रा में – न्यूयॉर्क कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-83 सीज़न 4, अमृत गंगा की तिरासीवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “भिक्षा देते समय इसे ईश्वर-सेवा का अवसर मानते थे। मन में अहंकार नहीं, केवल कृतज्ञता होती थी।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘माँ जगदम्बे (मुझे प्रेम दो)।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – वॉशिंगटन डी सी कार्यक्रम।

अमृत गंगा S3-65 सीज़न ३, अमृत गँगा की पैंसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, ‘हम रोते हुए जन्मते हैं; कम से कम विदाई के समय तो चेहरे पर मुस्कान हो, भगवान श्री कृष्ण हमें यही सीख देते हैं।’ ‘डैलस’ में अम्मा की यात्रा जारी है। अम्मा भजन भी गाती हैं – ‘मैं खड़ी उडिका ला’ (पंजाबी)

अमृत गंगा 21 अमृत गंगा की इक्कीसवीं कड़ी.. अम्मा हमें शास्त्रों और आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने को प्रोत्साहित करती हैं; क्योंकि उनसे हमें शिक्षा मिलती है कि महात्माओं ने जीवन में आने वाली परिस्थितियों का कैसे सामना किया। युग कोई भी हो, हमें महाभारत और रामायण से मिलती-जुलती घटनाएं देखने को मिलती रहेंगी। जहाँ-तहाँ, […]