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अमृत गंगा S4-90 सीज़न 4, अमृत गंगा की नब्बेवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “गुरु-पूर्णिमा की सच्ची अनुभूति अनुष्ठानों में नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा, और समर्पण भाव में है।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘मन रे..सीख प्रभु का होना।’अम्मा की अमेरिका यात्रा में – न्यूयॉर्क कार्यक्रम।

अमृत गंगा S3-12 अमृत गँगासीज़न ३ की १२वीं कड़ी में, अम्मा अपने बचपन के अनुभवों को याद कर रही हैं। उन दिनों धर्म, सत्य, त्याग और करुणा जैसे मूल्य बचपन से ही सिखाये जाते थे। अम्मा की माँ ने उन्हें हज़ारों धान के दाने पैदा कर सकने वाले एक दाने और साथ ही उसे पैदा […]