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अमृत गंगा S4-87 सीज़न 4, अमृत गंगा की सत्तासीवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “जीवन का प्रकाश आशा और प्रेम है। क्रोध और घृणा उसकी छाया हैं। प्रकाश को ही अपनाएँ।” अम्मा देवी भजन गाती हैं, ‘हे कृपामयी अंबे।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा न्यूयॉर्क की ओर चल पड़ी है।

अमृत गंगा S3-28 अमृत गंगा,सीज़न ३ की २८वीं कड़ी में अम्मा हमें याद दिला रही हैं कि जीवन चक्र में चल रहा है। दिन के बाद रात और रात के बाद फिर दिन होता है। महीनों और ऋतुओं का चक्र होता है। सुख-दुःख चक्र से आते-जाते रहते हैं। समय चक्र में चलता है ताकि हमें […]