अमृत गंगा S4-31 सीज़न 4, अमृत गंगा की इकतीसवीं कड़ी में, अम्मा बताती हैं, “की कैसे प्रेम हमारे आत्मतत्व को जागृत कर, हमारे अंदर हर तरह के सौंदर्य व सुगंध को जन्माता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘भक्ति दे माँ।’ प्रस्तुत कड़ी में, अम्मा की भारत यात्रा में – पुणे कार्यक्रम।
अध्यतन वार्ता
- सेवा का अवसर देने वाले के प्रति कृतज्ञ रहें
- ज्ञान की कसौटी अनुभव और आचरण है
- परोपकार में आनंद है
- विवेक-बुद्धि से सही दृष्टि
- आध्यात्मिक ज्ञान हो तो मन कभी बंधेगा नहीं
- ईश्वर कृपा हमारे जीवन का आधार है
- ख़ुशी परिस्थिति नहीं, मानसिक स्थिति है
- आत्म कृपा एक आंतरिक उपलब्धि है
- सच्चे प्रेम में सौदा नहीं होता
- हर हाल में साधना की निरंतरता बनाए रखें
When Love is there, distance dosen't matter.
Download Amma App and stay connected to Amma
Download Amma App and stay connected to Amma
