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अमृत गंगा S4-90 सीज़न 4, अमृत गंगा की नब्बेवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “गुरु-पूर्णिमा की सच्ची अनुभूति अनुष्ठानों में नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा, और समर्पण भाव में है।”अम्मा भजन गाती हैं, ‘मन रे..सीख प्रभु का होना।’अम्मा की अमेरिका यात्रा में – न्यूयॉर्क कार्यक्रम।

अमृत गंगा S2-36 अमृत गँगा, सीज़न २ की छत्तीसवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं कि हम नए वर्ष के आरम्भ होते संकल्प तो अक्सर लेते हैं लेकिन अपनी पुरानी आदतों और वासनाओं के कारण उन्हें पूरा नहीं कर पाते। हम उन आदतों को छोड़ने को तैयार नहीं किन्तु जब तक उन्हें छोड़ते नहीं, परिवर्तन […]