अमृत गंगा S2-23 अमृत गँगा सीज़न २ की २३वीं कड़ी में, अम्मा नवरात्रि की चर्चा जारी रखे हैं। ये पावन दिन, हमें अपने मन में छिड़े दैवी और आसुरी शक्तियों के बीच नित्य युद्ध की याद दिलाते हैं। हमारे प्रयत्न विजय के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ईश्वर-कृपा भी आवश्यक है। नवरात्र प्रत्येक प्राणी के अंदर […]
Category / अमृतगंगा
अमृत गंगा S2-22 अमृत गँगा सीज़न २ की बाईसवीं कड़ी में, अम्मा नवरात्रि के विषय में बताते हुए कह रही हैं कि देवी माँ की पूजा की नौ रातें मात्र धार्मिक आचार नहीं। इसे विज्ञान और वैश्विक सत्य का समर्थन भी प्राप्त है। हम न केवल देवी माँ के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं […]
अमृत गंगा S2-21 अमृत गँगा सीज़न २ की इक्कीसवीं कड़ी में अम्मा कहती हैं कि बुरी वासनाओं पर विजय पाना कठिन है। मन में बुरे विचारों की चिंगारी उठते ही, उसे बुझाना आसान होता है। लेकिन उन्हें शीघ्र न बुझाया जाये तो भयानक और विनाशकारी आग का रूप ले सकती हैं। हम उन्हें शुरुआत में […]
अमृत गंगा S2-20 अमृत गँगा,सीज़न २ की बीसवीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि हमारी आदतें हमारा स्वभाव बन कर हमें अपने वश में कर लेती हैं। हम राग-द्वेष और अपनी आदतों के दास हैं। चूँकि हम क्षणिक सुखों के पीछे भागते रहते हैं इसीलिये आध्यात्मिक स्वातंत्र्य अथवा आनन्द को अनुभूत नहीं कर पाते। […]
अमृत गंगा S2-19 अमृत गँगा, सीज़न २ की उन्नीसवीं कड़ी में, अम्मा ने कहा कि समाज में सच्ची प्रगति तभी होती है जब हम दूसरों के साथ बाँटते हैं। हमारे पूर्वज समग्र दूरदृष्टि के स्वामी थे। उनके निर्णय एक व्यक्ति के नहीं बल्कि समाज के हित में होते थे। आज के समाज में हम ऐसा […]

Download Amma App and stay connected to Amma