Category / अमृतगंगा

अमृत गंगा S4-77 सीज़न 4, अमृत गंगा की सतहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अमरत्व के लिए ‘मैं’ का भाव मिटाना होगा; वरना दान और यज्ञ भी मुक्ति नहीं दे सकते।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘यदुपति मनहारी।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – डालस कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-76 सीज़न 4, अमृत गंगा की छिहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “हमारा जीवन दूसरों के ज्ञान पर आधारित है, जिससे हम सत्य को समझते हैं। अंततः, हमारा अनुभव ही हमारा गुरु बन जाता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘शेर पर सवार।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – डालस कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-75 सीज़न 4, अमृत गंगा की पचहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “हमारे त्यौहार बाल-हृदय जगाते हैं— निष्कलंकता पुनः पाने का संदेश देते हैं।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘गिरिधर हे यदुनाथ।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा डालस की ओर चल पड़ी है।

अमृत गंगा S4-74 सीज़न 4, अमृत गंगा की चौहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “ईश्वर-चिंतन का अनमोल रत्न हमें संसार चक्र से पार कर शाश्वत आनंद तक ले जाता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘वर दे माता जगदम्बे माता।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।

अमृत गंगा S4-73 सीज़न 4, अमृत गंगा की तिहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “कर्म करके उसके फल को ईश्वर को समर्पित कर दें, यह विश्वास रखते हुए कि जो होगा वह हमारे हित में होगा।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘मुरलीधर गोपाल मुकुंदा।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में — सैंटा फे कार्यक्रम।