अमृत गंगा S3-26

अमृत गँगा सीज़न 3, 26 वीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि जब भक्त गहन पीड़ा में रोते-चिल्लाते हैं तो अम्मा का दिल टूट जाता है। अम्मा सब कुछ भूल कर उन्हें अपने सीने से चिपका लेती हैं। वो ही तो उन्हें सांत्वना दे सकती हैं!

अमृत गंगा की इस कड़ी में, अम्मा की यात्रा नेदरलैंड पहुँच गई है। अम्मा भजन गा रही हैं, देवी माते..

अमृत गंगा S3-25

सीज़न ३,अमृत गँगा की २५वीं कड़ी में अम्मा ने कहा कि अक्सर हम ड्राइविंग करते समय, ‘सड़क पर काम चालू है’ – ऐसे साइन-बोर्ड लगे देखते हैं। इन्हें देख कर हम धैर्य के साथ ट्रैफ़िक का इंतज़ार करते हैं। उसी प्रकार, उन लोगों के साथ व्यवहार करते समय भी हमें धैर्य की आवश्यकता होती है, जो क्रोध, घृणा या अन्य विकारों को अभिव्यक्त करते हैं। हम कल्पना करें, जैसे उनके मन में भी सड़क-काम चालू है। धैर्य अपने आप आ जायेगा!

अमृत गंगा की इस कड़ी में,अम्मा की यात्रा का पड़ाव नेदरलैंड में है! अम्मा, ‘नंदलाला यदु नंदलाला..’ भजन गा रही हैं।

अमृत गंगा S3-24

#अमृत गँगा, सीज़न ३, २४वीं कड़ी में अम्मा यह बता रही हैं कि मानव-मन की शक्ति अद्भुत है! हमारे विचार, हमारी भावनाएं अच्छी होंगी तो हमारे आसपास का जगत भी अच्छा होगा। हम कोशिश करें तो हमारा मन प्रत्येक वस्तु में अच्छाई देख सकता है; प्रत्येक वस्तु में आनंद और सौंदर्य ढूंढ़ लेगा।

अमृत गंगा की इस कड़ी में अम्मा की आयरलैंड यात्रा का आनंद लीजिये और अम्मा का गाया भजन सुनिए,’रूठा है क्यों..’

अमृत गंगा S3-21

अमृत गंगा, सीज़न ३, इक्कीसवीं कड़ी; अम्मा ने कहा कि कितने लोग हैं जो गरीबी और अज्ञान से पीड़ित हैं। हमें उन्हें इनसे राहत दिलाने के लिए जो बन पड़े, सो करना चाहिए। हम उन्हें ज्ञान का प्रकाश दें, निराश जनों को प्रोत्साहन दें और दुखियों की ओर सहायता का हाथ बढ़ाएं। इससे बड़ा कोई धर्म शास्त्र नहीं है।

अमृत गंगा की कड़ी करुणा की ओर ध्यान दिलाती है। यहाँ अम्मा की यूरोप यात्रा स्पेन के बार्सलोना में प्रथम पड़ाव के साथ जारी है। अम्मा ने भजन भी गाया है, दीनों के दुःख-हर्ता

अमृत गंगा S3-23

अमृत गँगा, 23वीं कड़ी, सीज़न 3, अम्मा ने कहा कि आज विश्व दो प्रकार की गरीबी से ग्रसित है। एक गरीबी प्रेम की और दूसरी भोजन, जल और आवास जैसी मूल आवश्यकताओं की। पहली प्रकार की गरीबी को मिटा सकें तो हम दूसरी प्रकार गरीबी से भी मुक्त हो सकते हैं। जहाँ प्रेम है, वहां करुणा भी होगी। आध्यात्मिकता करुणा से आरम्भ होती है और करुणा पर ही समाप्त!

अमृत गँगा की इस कड़ी में, आप देखेंगे अम्मा की आयरलैंड यात्रा! अम्मा पंजाबी गा रही हैं – खोल दरवाजा…