अमृत गंगा S3-41 सीज़न ३, अमृत गंगा की इकतालीसवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं कि जैसे कागज़ पर शहद लिख कर चाटने से मिठास का अनुभव नहीं होता; वैसे ही वेदांत पर शास्त्रार्थ कर लेने का अर्थ यह नहीं कि तुमने इसके तत्त्व को जीवन में भी उतारा है। अम्मा की यात्रा फ़्रांस के […]
अध्यतन वार्ता
- जागरुकता ही आध्यात्मिकता का सार है
- मित और हित भाषी बने
- कृपा ईश्वर का स्वरूप
- एक धैर्यवान श्रोता बने
- निःस्वार्थ कर्म तमोगुण को घटाते हैं
- जीवन के अनिश्चिता का आनंद लेने का प्रयास करें
- समानता का आधार मानसिक शक्ति हो
- नवरात्रि: आत्मशक्ति के जागरण का पर्व
- आध्यात्मिक शिक्षा बचपन से ही देनी चाहिए
- आत्म-स्तिथ रहकर जगत को देखे
When Love is there, distance dosen't matter.
Download Amma App and stay connected to Amma
Download Amma App and stay connected to Amma
