अमृत गंगा S3-22 अमृत गंगा, सीज़न 3, कड़ी 22: अम्मा हमें याद दिला रही हैं कि हम अलग-थलग द्वीप नहीं बल्कि एक ही शृंखला की कड़ियाँ हैं। एक अकेले व्यक्ति के लिए परिवर्तन लाना शायद संभव न हो लेकिन कई लोग मिल कर करें तो दूसरों की भलाई के लिए कुछ अच्छा अवश्य कर सकते […]
अध्यतन वार्ता
- संतोष का स्रोत हृदय में है, वस्तुओं में नहीं
- उत्तम आदर्शों से जीवन को अर्थपूर्ण बनाए
- परिवर्तन संसार का स्वभाव है
- जागरुकता ही आध्यात्मिकता का सार है
- मित और हित भाषी बने
- कृपा ईश्वर का स्वरूप
- एक धैर्यवान श्रोता बने
- निःस्वार्थ कर्म तमोगुण को घटाते हैं
- जीवन के अनिश्चिता का आनंद लेने का प्रयास करें
- समानता का आधार मानसिक शक्ति हो
When Love is there, distance dosen't matter.
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