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अमृत गंगा S4-63 सीज़न 4, अमृत गंगा की त्रेसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “भाषा अभिव्यक्ति का माध्यम है, पर सबसे आवश्यक है हृदय की भाषा—प्रेम और करुणा।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय माँ अंबे।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम

अमृत गंगा S3-98 सीज़न 3, अमृत गंगा की अट्ठानवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, ‘आज हम स्वार्थ-कर्मों के लिए ही जीवित हैं, न धर्म..न मोक्ष के लिए; मोक्ष को परम लक्ष्य मान कर हमें आगे बढ़ना चाहिए।’ अम्मा के कार्यक्रम सिंगापुर में। अम्मा भजन गाती हैं ‘अंबे जगदम्बे‘ ।