Category / सत्य-सनातन

ईश्वराधना का प्रथम सोपान है मंदिर में आराधना। ईश्वर की आराधना करने में व उनसे एक व्यक्तिगत संबन्ध स्थापित करने में मंदिर व वहाँ का देवविग्रह – सारूप ईश्वर, सहायक होते हैं। परन्तु हमें क्रमेण सर्वत्र ईश्वर चैतन्य के दर्शन कर पाने की क्षमता को विकसित करना चाहिए। मंदिर में सही भाव से उपासना के […]

प्रश्नः हिन्दू धर्म में तैंतीस कोटि देवताओं की आराधना होती है? यथार्थतः क्या ईश्वर एक हैं या अनेक? अम्माः हिन्दू धर्म में अनेक ईश्वर नहीं हैं। हिन्दू धर्म में केवल एक ही ईश्वर में विश्वास किया जाता है, यही नहीं, हिन्दू धर्म उद्घोषित करता है कि समस्त प्रपंच में ईश्वर से भिन्न कुछ नहीं है […]