अमृत गंगा S4-91

सीज़न 4, अमृत गंगा की इक्यानवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “कोई कितना भी तपस्वी हो या विद्वान् हो, पूर्णत्व को पाने के लिए पूर्ण गुरु की आवश्यकता होती है।”
अम्मा देवी भजन गाती हैं, ‘अनन्त-सृष्टि-वाहिनि।’