अमृत गंगा S4-86

सीज़न 4, अमृत गंगा की छियासीवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “महात्माओं के सान्निध्य में श्रेष्ठ संस्कार जागते हैं। परंतु इतना ही पर्याप्त नहीं। पूर्णता तक उनकी शिक्षाओं पर चलना होगा।”अम्मा गणेश भजन गाती हैं, ‘मुरली मनोहर।’अम्मा की अमेरिका यात्रा में – वॉशिंगटन डी सी कार्यक्रम।