अमृत गंगा S3-47
सीज़न ३, अमृत गँगा की सैंतालीसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, धर्म ही दूसरों को उन्नति की ओर बढ़ाता है; ताल-लय रखता है और सर्वाधार बना रहता है।
अम्मा की यात्रा लंदन, की ओर बढ़ी। अम्मा ने भजन गाया है, ‘पन्नगभूषण’।
अमृत गंगा S3-47
सीज़न ३, अमृत गँगा की सैंतालीसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, धर्म ही दूसरों को उन्नति की ओर बढ़ाता है; ताल-लय रखता है और सर्वाधार बना रहता है।
अम्मा की यात्रा लंदन, की ओर बढ़ी। अम्मा ने भजन गाया है, ‘पन्नगभूषण’।
अमृत गंगा S3-46
सीज़न ३, अमृत गँगा की छियालीसवीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि हम लोगों में ज्ञान तो है, बोध नहीं है। जानकारी है, विवेक नहीं। बुद्धि है; हृदय सिकुड़ता जा रहा है।
इस कड़ी में, अम्मा की यूरोप यात्रा मिलान में जारी है। अम्मा ने भजन गाया है, ‘सूनी है गलियां’
अमृत गंगा S3-45
सीज़न ३, अमृत गँगा की पैंतालीसवीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि शास्त्र हमारे ऋषि-मुनियों के अभिलेख हैं। हमें इनके शब्दों को अच्छे से पचा कर, अपने में आत्मसात कर लेना है।
इस कड़ी में, अम्मा की यूरोप यात्रा मिलान में जारी है। अम्मा ने भजन गाया है, ‘माँ जगदम्बे'(मुझे प्रेम दो जगदम्बे)
अमृत गंगा S3-44
सीजन ३, अमृत गँगा की चौवालीस वीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि हमारा प्रत्येक सत्कर्म हमें ईश्वर की ओर बढ़ाता है। अपने मार्ग के प्रकाश या अंधकार हम स्वयं हैं।
अम्मा की यात्रा टूलॉन से इटली के मिलान की ओर चल पड़ी है! अम्मा ने भजन गाया है – गणेश नम: ॐ
अमृत गंगा S3-43
सीज़न ३, अमृत गँगा की तैंतालीस वें कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि यदि हम अपना मन परमात्मा को समर्पित करके, आध्यात्मिक तत्व को समझते हुए आगे बढ़ें तो, प्रत्येक वस्तु को साक्षी भाव से देख पाएँगे।
अम्मा की यात्रा फ़्रान्स के टूलॉन में जारी है। अम्मा ने आज मराठी भाषा में भजन गाया, श्याम गोपाला माझा..