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अमृत गंगा S4-68 सीज़न 4, अमृत गंगा की अड़सठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अशांत मन समस्याएँ बढ़ाता है, जबकि शांत मन विवेक से समाधान खोजने में मदद करता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘समस्त पाप नाशनं।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।

अमृत गंगा S2-18 अमृत गँगा सीज़न २ की अठारहवीं कड़ी में अम्मा कह रही हैं कि हमारा लक्ष्य आत्म-साक्षात्कार होना चाहिए। जीवन में आपदा-विपदा तो आती ही रहेंगी। जीत और हार स्वाभाविक हैं। लेकिन हमें कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। अपनी साधना कभी नहीं छोड़नी चाहिए। आगे बढ़ते रहना सीखना है। इस कड़ी में अम्मा […]

अमृत गंगा 16 अमृत गंगा की सोलहवीं कड़ी.. यहाँ अम्मा अंध-संत सूरदास के विषय में बता रही हैं जिन्हें सत्य का बोध हुआ और जिन्हें भगवान कृष्ण के दर्शन अपने अन्तर्चक्षुओं से होते थे। अम्मा कहती हैं कि सूरदास जैसे भक्त समस्त जगत को ईश्वर-रूप देखते हैं। उनका अनुभव होता है कि कण-कण में परमात्मा […]