अमृत गंगा S4-63 सीज़न 4, अमृत गंगा की त्रेसठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “भाषा अभिव्यक्ति का माध्यम है, पर सबसे आवश्यक है हृदय की भाषा—प्रेम और करुणा।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘जय माँ अंबे।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम