अमृत गंगा S3-16 अमृत गंगा सीज़न ३ की सोलहवीं कड़ी में, अम्मा कह रही हैं कि दुनियां में दो तरह की गरीबी है। एक है प्रेम की गरीबी, दूसरी भोजन और धन की गरीबी। प्रेम की गरीबी भोजन और धन की गरीबी से कहीं बड़ी है। दुःख का प्रतिकारक है प्रेम! प्रेम हो तो दूसरी […]
अध्यतन वार्ता
- जागरुकता ही आध्यात्मिकता का सार है
- मित और हित भाषी बने
- कृपा ईश्वर का स्वरूप
- एक धैर्यवान श्रोता बने
- निःस्वार्थ कर्म तमोगुण को घटाते हैं
- जीवन के अनिश्चिता का आनंद लेने का प्रयास करें
- समानता का आधार मानसिक शक्ति हो
- नवरात्रि: आत्मशक्ति के जागरण का पर्व
- आध्यात्मिक शिक्षा बचपन से ही देनी चाहिए
- आत्म-स्तिथ रहकर जगत को देखे
When Love is there, distance dosen't matter.
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