Tag / आत्मज्ञान

प्रश्न— यदि किसी व्यक्ति में, आत्मज्ञान पाने के बजाय, सद्‌गुरु की सेवा की भावना प्रबल हो तो क्या सद्‌गुरु उसे अगले जन्मों में भी उपलब्ध होंगे? अम्मा— यदि यह भावना ऐसे शिष्य की है जिसने सद्‌गुरु को पूर्ण समर्पण कर दिया है, तो सद्‌गुरु निश्चय ही सदा उसके साथ रहेंगे। परंतु शिष्य को एक क्षण […]

प्रश्न— अम्मा, इस युग में आत्मज्ञान पाने के लिये कौन सा पथ श्रेष्ठ है? अम्मा— आत्मज्ञान कहीं बाहर बैठा हुआ नहीं है जिसे जाकर पाया जा सके। भगवान कृष्ण कहते हैं – ‘चित्त की समता ही योग है’। हमें हर वस्तु में दिव्य चेतना दिखनी चाहिये, तभी हम पूर्णता पा सकेंगे। हमें हर वस्तु में […]