Category / अमृतगंगा

अमृत गंगा S4-24 सीज़न 4, अमृत गंगा की चौबीसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “मन का स्वभाव है कि सब कुछ होते हुए भी दुःख और निराशा में डूबा रहता है। सच्चा सुख परमात्मा में ही मिलता है—यह समझना अंतर्मुखता का पहला कदम है। जीवन का उद्देश्य अपने भीतर शाश्वत आनंद को पाना है।” अम्मा […]

अमृत गंगा S4-23 सीज़न 4, अमृत गंगा की तेईसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “सब युवा रहने की कामना करते हैं। यह मन की अवस्था है और इस आध्यात्मिक तत्व को समझ लिया तो हम नित्य-युवा रहेंगे!” अम्मा देवी भजन गाती हैं, ‘शक्ति तू’ अम्मा की भारत यात्रा चल पड़ी है बेंगलुरु की ओर।

अमृत गंगा S4-22 सीज़न 4, अमृत गंगा की बाईसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “जब हम सतर्क होकर सही कर्म करेंगे, वे कृपा के रूप में लौट आएंगे।” अम्मा देवी भजन गाती हैं, ‘देवी त्रिलोक में’ अम्मा की भारत यात्रा मैसूर में जारी है।

अमृत गंगा S4-21 सीज़न 4, अमृत गंगा की इक्कीसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “केवल एक आध्यात्मिक दिनचर्या का पालन करके ही मानसिक अनुशासन को विकसित करना संभव है।” अम्मा कृष्ण भजन गाती हैं, ‘जमुना के तट पर’ अम्मा की भारत यात्रा मैसूर में जारी है।

अमृत गंगा S4-20 सीज़न 4, अमृत गंगा की बीसवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “जिस चीज़ से हम सुपरिचित नहीं उससे डर कर पीछे नहीं हटना चाहिए। सावधानीपूर्वक प्रयास करके आगे बढ़ते रहना चाहिए।” अम्मा देवी भजन गाती हैं, ‘माँ ओ माँ पुकारूँ मैं’ अम्मा की भारत यात्रा – चल पड़ी है मैसूर की ओर।