अमृत गंगा S4-69

सीज़न 4, अमृत गंगा की उनहत्तरवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “ज्ञान–अज्ञान और धर्म–अधर्म के बीच विवेक जागृत कर अंतर्मन के शिव को प्रकट करने तथा शाश्वत चेतना को अंगीकार करने का आह्वान ही शिवरात्रि है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘व्रजवन कुंजविहारी।’