अमृत गंगा S4-68

सीज़न 4, अमृत गंगा की अड़सठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “अशांत मन समस्याएँ बढ़ाता है, जबकि शांत मन विवेक से समाधान खोजने में मदद करता है।” अम्मा भजन गाती हैं, ‘समस्त पाप नाशनं।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – लॉस एंजेलेस कार्यक्रम।