अमृत गंगा S4-62

सीज़न 4, अमृत गंगा की बासठवीं कड़ी में, अम्मा कहती हैं, “ईश्वर की कृपा सदा उपलब्ध है, जैसे सूर्य निरंतर प्रकाश देता रहता है। उसे पाने के लिए हमें आत्मकृपा के रूप में अपनी खिड़कियाँ खोलनी होंगी।” अम्मा कृष्ण भजन गाती हैं, ‘आओ मेरे नन्दलाल।’ अम्मा की अमेरिका यात्रा में – सान रमोन कार्यक्रम